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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- अग्राँकित पर टिपणी लिखिए- (i) इन्टरनेट सर्फिंग (ii) मल्टीमीडिया (iii) इन्टरनेट प्रोटोकॉल।
उत्तर-
(i) इन्टरनेट सर्फिंग (Internet Surfing) - इन्टरनेट के माध्यम से सूचनाएँ पाने की सर्वाधिक लोकप्रिय विधि वेब है। वेब साइट वे स्थान हैं जहाँ सूचनाएँ संग्रहीत होती हैं। इन दिनों सभी बड़ी कम्पनियाँ, संगठन, संस्थायें, पत्र-पत्रिकाओं की अपनी वेबसाइट हैं। इन वेबसाइट में सूचनाओं को वेब पेज में एकत्र किया जाता है।
किसी वेबसाइट का प्रथम पेज होम पेज कहलाता है। वेब पेज को एच टी एम एल (HTML- Hyper Text Markup Language) द्वारा बनाया जाता है। वेब पेज विभिन्न अन्य संसाधनों जैसे - ध्वनि, चित्र, ग्राफिक्स आदि से भी जुड़ा हो सकता है। यह कार्य हाइपर लिंग की सहायता से किया जा सकता है। विभिन्न वेब पेज से कार्य करने की प्रक्रिया इन्टरनेट सर्फिंग कहलाती है। सर्फिंग के लिए उपयोगकर्ता के पास इन्टरनेट कनेक्शन, उचित क्षमता वाला कम्यूटर तथा वेब ब्राउजर होना चाहिए।
(ii) मल्टीमीडिया (Multimedia) - कम्यूटर के उद्भव के समय स्क्रीन पर केवल टेक्सचल मैटर दिखायी पड़ता था। परन्तु कम्यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी में धीरे-धीरे विकास होकर अब वीडियो पिक्चर एवं ध्वनियों को देखा एवं सुना जा सकता है। ये सब कुछ मल्टीमीडिया प्रोग्राम के कारण सम्भव हो सका है। मल्टीमीडिया टेक्स्ट, पुस्तकें, म्यूजिक, सीडीज, रिकॉर्ड्स, फिल्मस्, पिक्चर, ग्राफिक्स, ध्वनि, एनीमेशन एवं वीडियो का एक संयोग है जिसे कम्यूटर पर इलैक्ट्रॉनिक माध्यम द्वारा प्रकट किया जा सकता है।
मल्टीमीडिया का उपयोग करने हेतु अग्राँकित की आवश्यकता होती है-
(a) हाई मेमोरी क्षमता वाला कम्यूटर,
(b) हाई रिसॉल्यूशन कलर मॉनीटर,
(c) साउण्ड कार्ड,
(d) स्पीकर।
इनके अलावा कीबोर्ड, माउस, स्केनर जॉयस्टिक ट्रेकबाल, ग्राफिक टेवलेट, डिजिटल कैमरा, डीवीडी, सी-डी लेयर आदि की भी आवश्यकता होती है।
मल्टीमीडिया अवयव जैसे वीडियो या साउण्ड को मीडिया फाइलों में स्टोर किया जाता है। पिक्चर्स का एक्स्टेन्सन जैसे - .jpg द्वारा पहचाना जाता है।
म्यूजिक को म्यूजिकल इन्स्ट्रूमेन्ट डिजिटल इन्टरफेस फार्मेट के माध्यम से भेजा जा सकता है। रियल ऑडियो-वीडियो को सपोर्ट करता है।
एम पी-3 उच्च गुणवत्ता सहित अच्छे कम्प्रेशन को जोड़ता है। यह म्यूजिक को रिकार्ड करता है।
(a) आई पी एड्रेस - आई पी एड्रेस इन्टरनेट पर सर्वर का एड्रेस होता है। प्रत्येक सर्वर या हॉस्ट को 32 बिट इन्टीगर संख्या दी जाती है जिसे आई पी एड्रेस कहा जाता है। यह 32 बिट की संख्या 8 बिट आकार वाले 4 भागों में बँटी होती है। जैसे- डोमेन नेम - www.microsoft.com
आई पी एड्रेस 191.24.56.100
डोमेन नेम को उपयोगकर्ता द्वारा उपयोग किया जाता है जबकि आई पी एड्रेस का उपयोग मशीन द्वारा किया जाता है।
(b) डोमेन नेम एड्रेस (Domain Name Address) - डोमेन नेम हॉस्ट एवं डोमेन म द्वारा बनाया जाता है। यह हॉस्ट के नाम के सम्बन्ध में सूचना देता है जैसे- www.microsoft.com यह माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी का एड्रेस बताएगा। इसका आई पी एड्रेस मशीन के उद्देश्य से उपयोग किया जाता है। विभिन्न डोमेन का उद्देश्य नीचे दिया जा रहा है।
.com - Commercial Institution
.edu - Educational Institution
.org - Non-commercial Institution
.gov - Government Institution
.int - International Institution .in - India
.au - Australia
.pk - Pakistan
डोमेन नाम को अंग्रेजी में लिखा जाता है जबकि आई पी एड्रेस को संख्याओं में दिया जाता है।
इण्टरनेट प्रोटोकॉल
(Internet Protocol)
विभिन्न कम्यूटरों के बीच सम्बन्ध स्थापित करने हेतु कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है, इन्हें प्रोटोकॉल कहा जाता है। इससे विभिन्न कम्यूटर सिस्टमों एवं ऑपरेटिंग सिस्टम संवाद स्थापित करते हैं। इनके प्रयोग से दो अलग-अलग सेटिंग के कम्यूटर एक-दूसरे के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में सक्षम होते हैं।
इण्टरनेट प्रोटोकॉल का प्रमुख कार्य सूचना पैकेटों पर गन्तव्य कम्यूटर का पता लिखना होता है, जिससे ये पैकेट्स इन्टरनेट पर एक कम्यूटर से दूसरे कम्यूटर पर शीघ्रतम मार्ग से पहुँच सकें। यह सूचना पैकेटों हेतु रूट भी तय करती है।
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