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बी एड - एम एड >> बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाजसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज
प्रश्न- भारत में स्त्री शिक्षा के समक्ष आज भी कौन-सी चुनौतियाँ हैं?
उत्तर-
स्त्री शिक्षा की चुनौतियाँ
पिछले वर्षों में स्त्री शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है किंतु आज भी पुरुषों से अपेक्षा स्त्रियों का साक्षरता स्तर काफी नीचे है। इसके लिए अनेक व्यक्तिगत, सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक कारण उत्तरदायी हैं, जो बालिकाओं और स्त्रियों तक शिक्षा के प्रसार को बाधित करने में उत्प्रेरक हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख कारण निम्न हैं—
गाँवों का पुरुष प्रधान समाज अब भी बालिकाओं की शिक्षा को महत्वपूर्ण नहीं समझता। बालिकाओं को यह सोच दी जाती है कि उन्हें विवाह के पश्चात दूसरे घर में जाना होता है और घर-परिवार व नौकरी नहीं करना होता है।
माता-पिता के मन में उनकी बालिका की असुरक्षा की भावना भी उसे घर से बाहर जाकर पढ़ने के लिए रोक देती है।
महिलाओं के अशिक्षित होने का प्रमुख कारण आर्थिक तंगी भी है। एक गरीब व्यक्ति यह सोचता है कि यदि उसकी बेटी घर रहकर छोटे भाई बहनों की देखभाल करे तो माता-पिता दोनों बाहर काम करके पैसा कमा सकते हैं जिससे उनके बच्चों का पेट भर सके।
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